धूतपापेश्वर हीरक भस्म (1 ग्राम)

आंतरिक फोड़ा, ट्यूमर, कैंसर, एनजाइना पेक्टोरिस और तपेदिक में संकेत दिया गया।

छाती में पीड़ा और एंजाइना

कारण

  • इनफ़ेक्शन से हृदय की समस्या
  • बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर
  • खांसने/छींकने जैसी सांस की कष्ट
  • अम्लता ( खट्टापन ) / नाराज़गी
  • पसली की कष्ट या चोटें

लक्षण

  • हाथों तक फैले चेस्ट प्रदेश में परिपूर्णता और अकड़न
  • छाती में दाह के साथ नाराज़गी
  • उल्टी और मतली के साथ बदहजमी
  • सांस लेने में कष्ट
  • साँसों की अभाव
  • पीड़ा जो गर्दन ( neck ) के जबड़े और कंधों तक जाता है

Nameधूतपापेश्वर हीरक भस्म (1 ग्राम)
Other Namesहीरा भस्म, वज्र भस्म
BrandDhootapapeshwar
MRP₹ 7808
Categoryआयुर्वेद ( ayurveda ), Bhasm & Pishti
Sizes1g, 100 मिलीग्राम ( mg ), 500 मिलीग्राम ( mg )
Prescription RequiredNo
Length0 सेंटिमीटर
Width0 सेंटिमीटर
Height0 सेंटिमीटर
Weight0 ग्राम
Diseasesछाती में पीड़ा और एंजाइना

हीरक भस्म . के बारे में

हीरा (वज्र) भस्म (जिसे हीरक भस्म, हीरक भस्म, वज्र भस्म, हीरा भस्म और हीरा भस्म या डायमंड भस्म के रूप में भी लिखा जाता है) एक आयुर्वेदिक कैलक्लाइंड औषधि है। इसमें बॉडी ( body ) में इम्युनोमोड्यूलेटर, एनोडाइन, रोगाणुरोधी, जीवाणुरोधी, एन्टी भड़काऊ और कर्कट ( cancer ) एन्टी अनुयोजन है। यह कर्कट ( cancer ), नपुंसकता, मोटापा, तपेदिक, फिस्टुला आदि के प्रबंधन में एक निरोधक और साथ ही इलाज योगदान निभाता है। आयुर्वेद ( ayurveda ) के अनुरूप ( accordingly ), हीरा (वज्र) भस्म में सब के सब छह स्वाद ( taste ) होते हैं, तीनों दोषों (बॉडी ( body ) के हास्य) को शांत करते हैं और शक्ति को बढ़ाते हैं। और औषधियों के। औषधीय रूप से, इसकी प्रमुख क्रिया बॉडी ( body ) में पित्त त्रुटि के प्रभुत्व पर दिखाई देती है। दूसरी क्रिया बॉडी ( body ) में कफ, बलगम त्रुटि के प्रभुत्व पर देखी जा सकती है। यह चिकनाई को कम करता है, चिकनाई के संचय को रोकता है, सेल्युलाईट को तोड़ता है और बॉडी ( body ) में समस्त चयापचय में इम्प्रूवमेंट करता है।

हीरक भस्म के मेडिसिनल गुण

  • हीरा (वज्र) भस्म में निम्नलिखित ट्रीटमेंट ( treatment ) विशेषताएं हैं।
  • कर्कट ( cancer ) एन्टी
  • एन्टी mutagenic
  • एंटिएंजिनल
  • इम्यूनोमॉड्यूलेटर
  • कायाकल्प
  • adaptogenic
  • एंटीऑक्सिडेंट
  • तनाव एन्टी
  • कामोद्दीपक
  • एनाल्जेसिक या एनोडीन
  • जीवाणुरोधी
  • रोगाणुरोधी
  • एंटी वाइरल
  • सूजनरोधी
  • एन्टी मोटापा
  • कासरोधक
  • एंटीअल्सरोजेनिक
  • शांतिदायक
  • हेमटोजेनिक (लाल ब्लड कोशिकाओं के गठन में सहायता करता है)
  • हार्ट टॉनिक

हीरक भस्म के इलाज इशारा

हीरा (वज्र) भस्म का प्रमुख इशारा इम्युनिटी को बढ़ाना, और औषधियों की क्रिया में इम्प्रूवमेंट करना, विष अवरोधों को समाप्त करना है। यह भिन्न-भिन्न बिमारियों में स्वर्ण भस्म और और आयुर्वेदिक औषधियों के सम्मिश्रण में उपयोग किया जाता है। हीरा (वज्र) भस्म के निजी इशारों में शामिल हैं

  • एंजाइना पेक्टोरिस
  • ह्रदय मे रुकावट
  • हृदय की धमनी का बीमारी
  • atherosclerosis
  • दिमाग़ी कमजोरी
  • दैहिक कमजोरी
  • नपुंसकता और बांझपन
  • यक्ष्मा
  • कर्कट ( cancer ) और मेटास्टेसिस
  • मोटापा
  • मस्तिष्क का घुमेरी ( dizziness )
  • नासूर
  • निरन्तर मूत्र आना
  • डायबिटीज
  • रक्ताल्पता
  • आमाशय के बीमारी
  • नर्व रिलेटिव बीमारी
  • रूमेटाइड आमवात
  • हड्डी मज्जा डिप्रेशन

हीरक भस्म के फायदा और मेडिसिनल इस्तेमाल

हीरा (वज्र) भस्म से जीवन शक्ति, सहनशक्ति और बीमारी प्रतिरोधक योग्यता बढ़ती है। हीरा (वज्र) भस्म सब के सब जीर्ण और जिद्दी बिमारियों में लाभकारी है। यह तीनों दोषों को बैलेंस्ड करता है और चयापचय को उचित करता है। यह इम्युनिटी, दीर्घायु, बॉडी ( body ) की शक्ति और साधारण सेहत में इम्प्रूवमेंट करता है। हीरा (वज्र) भस्म को जीर्ण बिमारियों के ट्रीटमेंट ( treatment ) में जोड़ने से रेकवरी प्रोसेस में तेजी आती है और ट्रीटमेंट ( treatment ) के लिए दी जाने वाली और औषधियों की क्रिया में इम्प्रूवमेंट होता है। इसलिए, यह प्रमुख औषधियों की अनुयोजन में इम्प्रूवमेंट और रेकवरी प्रोसेस में तेजी लाने के लिए तेज़ और क्रोनिक रोगों वाले सब के सब पेशेन्ट्स ( patient ) को दिया जा सकता है।

दिमाग पर प्रभाव ( effect )

हीरा (वज्र) भस्म का प्रभाव ( effect ) 4 से 8 हफ्ते तक इसके निरन्तर इस्तेमाल से मन पर प्रकट होता है। यह सतर्कता, स्मरणशक्ति, ध्यान अवधि और बुद्धि में इम्प्रूवमेंट करता है। अनेक पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सक शिशुओं की दिमाग़ी क्षमताओं में इम्प्रूवमेंट के लिए निम्नलिखित सम्मिश्रण में इसका इस्तेमाल करते हैं।

  • Hira(Vajra)Bhasma-1 mg
  • स्वर्ण भस्म-5 मिलीग्राम ( mg )
  • Manikya Pishti-10 mg
  • Raupya Bhasma-10 mg
  • मुक्ता पिष्टी-100 मिलीग्राम ( mg )
  • ब्राह्मी पाउडर-100 मिलीग्राम ( mg )
  • यष्टिमधु (मुलेठी) - मुलेठी पाउडर-100 मिलीग्राम ( mg )

एंजाइना पेक्टोरिस

आयुर्वेद ( ayurveda ) में, हीरा (वज्र) भस्म एंजाइना पेक्टोरिस के लिए पसंद की औषधि है। यह एंजाइना पेक्टोरिस के तेज़ पड़ाव में भी काम करता है। हीरक भस्म हार्ट की मांसपेशियों ( muscles ) में ब्लड के फ्लो में इम्प्रूवमेंट करती है और चेस्ट में निचोड़ने, भारीपन, दबाव ( चाप ) और अकड़न की अनुभूति को कम करती है। यह छाती के पीड़ा को भी कम करता है। एंजाइना पीड़ा में निम्न सम्मिश्रण लाभकारी होता है।

  • Hira(Vajra)Bhasma-4mg
  • पुष्करमूल-250mg
  • Shring Bhasma-125mg
  • मधु ( honey )-1 चम्मच ( spoon )

कर्कट ( cancer ) और मेटास्टेसिस

और आयुर्वेदिक औषधियों के सम्मिश्रण में हीरा (वज्र) भस्म कर्कट ( cancer ) में लाभकारी है और मेटास्टेसिस को रोकता है। आमतौर पर निम्नलिखित आयुर्वेदिक सम्मिश्रण कर्कट ( cancer ) के लिए मददगार होते हैं।

हीरक भस्म की डोज़ और प्रशासन

हीरा (वज्र) भस्म की न्यूनतम प्रभावशाली डोज़ 1.25 मिलीग्राम ( mg ) है और ज़्यादा से ज़्यादा डोज़ दिन में दो बार 10 मिलीग्राम ( mg ) हो सकती है।

  • बच्चे-0.5 से 1.25 मिलीग्राम ( mg )
  • बच्चे-1 से 2.5 मिलीग्राम ( mg )
  • वयस्क-2.5 से 6.25 मिलीग्राम ( mg )
  • वयस्क (संजीदा स्थितियों में) -6.25 से 8 मिलीग्राम ( mg )
  • प्रेग्नेंसी ( pregnency )-1 से 2.5 मिलीग्राम ( mg )
  • जराचिकित्सा (वृद्धावस्था) -2.5 से 6.25 मिलीग्राम ( mg )
  • ज़्यादा से ज़्यादा मुमकिन डोज़ (प्रति दिन या 24 घंटे में) -16 मिलीग्राम ( mg ) (खंडित डोज़ में)

हीरक भस्म की सतर्कता

हीरा (वज्र) भस्म कदाचित सुरक्षित है। हीरा (वज्र) भस्म के नित्य इस्तेमाल से कोई विपरीत प्रभाव ( effect ) नहीं देखा गया है।

कर्कट ( cancer ) पेशेन्ट्स ( patient ) को हीरा (वज्र) भस्म, स्वर्ण भस्म आदि के साथ पूर्ण डोज़ ट्रीटमेंट ( treatment ) ट्रीटमेंट ( treatment ) प्राप्त होती है, जो 12 माह या उससे ज्यादा अवधि ( समय ) तक भी जारी रहती है। कोई साइड इफेक्ट नहीं देखा गया है।

यह औषधि केवल सख्त औषधीय निगरानी में ही ली जानी चाहिए।

इस औषधि के साथ स्व-औषधि जोखिमभरा साबित हो सकती है।

ज्यादा डोज़ से संजीदा दुष्प्रभाव ( side effect ) और गैस्ट्र्रिटिस हो सकता है।

इस औषधि को चिकित्सक की परामर्श के अनुरूप ( accordingly ) सटीक ( exact ) मात्रा ( quantity ) में और सीमित अवधि ( समय ) के लिए ही लें।

शिशुओं की पहुंच और नजर से दूर रखें।

सूखी ठंडी जगह पर स्टोर ( store ) करें।